भारत ने यूरोपीय संघ, ऑस्ट्रेलिया, ब्राज़ील, कनाडा, बारबाडोस और केन्या के साथ मिलकर न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा में “पार्टनर्स फॉर मल्टीलेटरलिज्म” (P4M) प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया है। इस पहल का उद्देश्य बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करना, शांति प्रयासों का समर्थन करना और वैश्विक संस्थानों में सुधार को बढ़ावा देना है।
भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वर्तमान भू-राजनीतिक तनावों और वैश्विक व्यवस्था को प्रभावित करने वाले संघर्षों के कारण मजबूत बहुपक्षीय सहयोग की बढ़ती आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के भीतर समावेशी चर्चाओं और पारदर्शी निर्णय-निर्माण प्रक्रियाओं के महत्व पर जोर दिया।
जयशंकर ने विभिन्न क्षेत्रों में उन्नत अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया, जिनमें अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, उभरती प्रौद्योगिकियाँ, विकास वित्त, सुदृढ़ आपूर्ति श्रृंखलाएँ, महामारी तैयारी, और आतंकवाद विरोधी प्रयास शामिल हैं। P4M घोषणा ने बहुपक्षीय प्रणाली को अधिक प्रभावी, प्रतिनिधि और समावेशी बनाने के लिए सुधारों की मांग की।
भाग लेने वाले देशों ने सतत विकास, निष्पक्ष व्यापार, वैश्विक वित्त, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल परिवर्तन, और वैश्विक स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में सहयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी व्यक्त की। उन्होंने संयुक्त कार्रवाई के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान करने और समन्वय तंत्र स्थापित करने पर सहमति व्यक्त की। यह प्लेटफॉर्म अन्य देशों के लिए भी खुला है जो बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने में रुचि रखते हैं।